Alaska Airlines outage बड़ी IT गलती, पूरे नेटवर्क से फ्लाइट्स ग्राउंड — जानिए क्या हुआ, कब हुआ और आगे क्या होगा?

जब आप विमान में बैठने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे होते हैं, तो एक अनजान प्रणाली-गलती अचानक आपके सफ़र को रोक सकती है। ऐसा ही कुछ हुआ है Alaska Airlines के साथ — 23 अक्टूबर 2025 को देर शाम, कंपनी ने एक बड़े IT आउटेज के कारण अपने पूरे नेटवर्क में “ग्राउंड स्टॉप” लागू कर दिया।

Alaska Airlines outage— क्या हुआ, क्यों हुआ, कब हुआ, इसका असर कितना बड़ा है और भविष्य में क्या हो सकता है।

Alaska airlines

क्या हुआ?

23 अक्टूबर की शाम को Alaska Airlines ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि उन्हें एक तकनीकी समस्या (IT outage) का सामना करना पड़ रहा है, जिससे ऑपरेशंस प्रभावित हुए हैं और “एक अस्थायी ग्राउंड स्टॉप” लगाया गया है।
कंपनी ने बताया कि समस्या नेटवर्क के “मुख्य डेटा सेंटर” से आई है, जिससे उनके कई महत्वपूर्ण सिस्टम — जैसे बुकिंग, फ्लाइट ऑपरेशंस डैशबोर्ड, क्रू ट्रैकिंग आदि — काम नहीं कर पा रहे थे।
इस वजह से उन्हें अपने सभी (या लगभग सभी) फ्लाइट्स ग्राउंड करना पड़ा — ताकि सुरक्षा व नियंत्रण सुनिश्चित हो सके।

कब हुआ और कब तक चला?

समस्या का पहला सार्वजनिक संकेत 23 अक्टूबर 2025 को अमेरिकी समयानुसार लगभग 3:20 p.m. (Alaska/Seattle समय) के आसपास आया जब कंपनी ने ट्वीट किया कि वे IT समस्या से प्रभावित हैं।
FAA (Federal Aviation Administration) के अनुसार ग्राउंड स्टॉप लगभग 7:30 p.m. ET तक जारी रहा।
लेकिन पूरे नेटवर्क को पूरी तरह से पुनर्स्थापित होने में थोड़ा समय लगा — Reuters ने बताया कि “लगभग तीन घंटे” बाद ऑपरेशंस की बहाली शुरू हुई।

इससे पहले इस तरह का पैमाने पर ग्राउंडिंग इस एयरलाइन ने जुलाई 2025 में भी की थी जब डेटा सेंटर हार्डवेयर फेल हुआ था और लगभग तीन घंटे के लिए फ्लाइट्स रुकी थीं।

क्यों हुआ — कारण क्या हैं?

इस तरह के IT आउटेज के पीछे कई कारण हो सकते हैं — अलास्का एयरलाइन ने साइबर हमला होने की बात खारिज की है और कहा है कि यह “क्लियर टेक्निकल फॉल्ट” था।
मुख्य संभावित कारण निम्न हो सकते हैं:

  • डेटा सेंटर / हार्डवेयर फेलियर: कंपनी ने कहा है कि उनका मुख्य डेटा सेंटर प्रभावित हुआ था, जिससे निर्माण और कंट्रोल सिस्टम रुक गए।
  • ओल्ड सिस्टम या बैकअप तंत्र की कमी: पुराने सिस्टम और बैकअप प्रक्रिया अक्सर इस तरह की घटना का कारण बनते हैं।
  • ओवरलोड या ट्रैफिक स्पाइक्स: बड़ी संख्या में सिस्टम प्रक्रियाएं एक साथ काम नहीं कर पाईं।
  • मानव त्रुटि / नेटवर्क कॉन्फिगरेशन गड़बड़ी: विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी समस्या अक्सर नेटवर्क सेटअप या सर्वर कॉन्फ़िगरेशन गलती से आती है।

इसका असर क्या हुआ?

  • Alaska Airlines और इसकी सहायक कंपनी Horizon Air की फ्लाइट्स देश भर में ग्राउंड हो गईं, हजारों यात्रियों की योजनाएँ प्रभावित हुईं।
  • Seattle-Tacoma हब से रिपोर्ट मिली कि एक रात में 82 देरी और 17 रद्दीकरण दर्ज हुए थे।
  • सोशल मीडिया पर यात्रियों ने अपनी निराशा व्यक्त की — “हम एयरपोर्ट पर थे, लेकिन जानकारी नहीं थी”, “जब फ्लीट ग्राउंड हो गई तो हमें अप्रत्याशित डायरेक्शन मिला” जैसे ट्वीट मिले।
  • एयरलाइन ने कहा कि फ्लाइट्स की सुरक्षा कभी खतरे में नहीं पड़ी, लेकिन “रिकवरी” चल रही है, इसलिए कुछ अतिरिक्त देरी हो सकती है।

कब तक बहाली होगी — आगे क्या होगा?

Airline ने कहा है कि वे तत्काल प्रभाव से सिस्टम को पुनर्स्थापित कर रहे हैं और यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे फ्लाइट दर्ज करने से पहले स्टेटस चेक करें।
विश्लेषकों का कहना है कि सामान्य स्थिति बहाल होने में “कुछ घंटे” लग सकते हैं, लेकिन पूरी रूप से सब सिस्टम पूर्ववत चालू होने में “24 से 48 घंटे” लग सकते हैं — क्योंकि क्रू, विमान, कबाइनेट और लॉजिस्टिक्स को फिर से सेटअप करना पड़ता है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप से लाइव स्टेटस चेक करें और संभव हो तो वैकल्पिक यात्रा योजना बनाकर रखें।

आगे क्या हो सकता है?

  • अलास्का एयरलाइन इस घटना के बाद आंतरिक समीक्षा करेगी — सिस्टम अपग्रेड, बैकअप प्लेटफॉर्म मजबूत करना, डेटा सेंटर हार्डवेयर की समीक्षा आदि।
  • FAA और अन्य नियामक संस्थाएं इस तरह की आउटेज घटना पर तफ्तीश शुरू कर सकती हैं — एयर ट्रैफिक कंट्रोल और टेक्नोलॉजी लॉगिक्स जांच में आ सकती हैं।
  • यदि भविष्य में पुनरावृत्ति होती है, तो यात्रियों का एयरलाइन पर भरोसा कम हो सकता है और प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।
  • यात्रियों के लिए परिवर्तन: एयरलाइन की ओर से प्रीमियम सर्विस सुधार, बेहतर ग्राहक सूचना प्रणाली और ऐप-इंटीग्रेशन में सुधार की अपेक्षा की जा सकती है।
  • टेक्नोलॉजी उद्योग में यह घटना संकेत देती है कि एयरलाइनिंग सेक्टर में भी साइबर-सुरक्षा और IT ऑपरेशंस का महत्व तेजी से बढ़ रहा है।

अलास्का एयरलाइन आई टी आउटेज

जब हम सामान्यतः “विमान यात्रा” को एक सहज अनुभव मानते हैं, तो इस तरह की अचानक IT गड़बड़ी हमें याद दिलाती है कि यह अनुभव आखिर कितने जटिल सिस्टम्स पर आधारित है। Alaska Airlines की यह आउटेज सिर्फ एक तकनीकी समस्या नहीं थी — बल्कि यह हमें दिखाती है कि आधुनिक एयरलाइनिंग उद्योग में डेटा, नेटवर्क, सिस्टम इंटीग्रेशन और बैकअप कितने महत्वपूर्ण हैं।
यात्रियों के लिए यह एक चेतावनी है कि वे हमेशा फ्लाइट स्टेटस चेक रखें, और यदि संभव हो तो वैकल्पिक योजना बनाकर रखें। एयरलाइंस के लिए यह समय है सुधार का — क्योंकि आधुनिक यात्रियों को सिर्फ फ्लाइट नहीं, टेक्नोलॉजी भरोसा चाहिए।
और हमें उम्मीद है कि Alaska Airlines जल्द ही अपनी सेवाओं को पूरी तरह से बहाल कर यात्रियों को विश्वसनीय अनुभव देंगी।

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